दरभंगा जिला शिक्षा पदाधिकारी का आया निर्देश जानिए है क्या

दरभंगा जिला शिक्षा पदाधिकारी का आया निर्देश जानिए है क्या

Desk।।dbn news
Bihar, jharkhand

बाढ़ आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तत्पर।

दरभंगा :- जिला पदाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। सिंहवाड़ा एवं हनुमाननगर प्रखण्ड छोड़कर अन्य प्रखण्डों में जनजीवन सामान्य होने लगा है। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रिलीफ वितरण एवं सामुदायिक रसोई का कार्य अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि सामुदायिक रसोई बंद करने के पहले प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सूचना दे दी जाय ताकि कोई अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न न हो। वे कार्यालय प्रकोष्ठ में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का आयोजन करके 13 लाख से अधिक लोगों को अबतक खाना खिलाया गया है। भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान दी गई है। बाढ़ क्षेत्रों में अवस्थित 1570 चापाकलों के बोरबेल में ब्लीचिंग पाउडर डालकर चापाकल के पानी को शुद्ध किया गया। आवश्यकतानुसार 17 नये चापाकल भी गाड़े गये है। बाँध पर शरण लिये बिस्थापित लोगों के पानी के लिए दो वाटर ए.टी.एम. लगाया गया और 113 जैरीकेन विभिन्न पंचायतों के शरण-स्थलियों में रखा गया। जैरीकेन के द्वारा लोगों को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के 409 टीम तैनात है। अबतक 38018 बीमार लोगों की चिकित्सा की गई है, शुद्ध पानी के लिए 58218 हैलोजन टेबलेट का वितरण किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित आश्रय विहीन लोगों के बीच 30 हजार पोलीथीन शीट्स का भी वितरण किया गया है। उन्होंने स्मारित कराया कि 2017 के बाढ़ में 24 हजार पोलीथीन शीट्स बाँटी गयी थी। उन्होंने कहा कि 02 लाख 10 हजार बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खाते में 06-06 हजार रूपया नगद सहायता राशि भेज दी गई है। अगले एक सप्ताह के अन्दर बाकी 02 लाख और परिवारों को नगद सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पशु स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है। जिला के कई स्थलों पर पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन करके पशुओं की चिकित्सा की जा रही है। बिस्थापित पशुओं के लिए अबतक 419 क्विंटल चारा वितरण किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का संचालन, रिलीफ वितरण, पोलीथीन शीट्स वितरण, शुद्ध पानी की आपूर्त्ति, स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन एवं बाढ़ में डूब कर मर गये परिजनों को 24 घंटे के अन्दर 04 लाख रूपया अनुग्रह अनुदान के रूप में भुगतान करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की जाँच एवं निरीक्षण वरीय पदाधिकारी द्वारा बराबर की जा रही है।
एक सबाल के जबाव में उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी में बह जाने से 12 लोगों की मृत्यु हुई है, वहीं 10 अन्य व्यक्ति की भी मृत्यु हुई है जो स्थानीय आपदा के श्रेणी में आते है। सभी मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रूपया अनुग्रह अनुदान के रूप में भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि अभी जुलाई का माह चल रहा है। अगस्त माह में भी बाढ़ आने की संभावना बन सकती है। इसलिए लोगों को सर्तक और सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शहरी सुरक्षा तटबंध पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। जल संसाधन विभाग के अभियंतागण शहरी सुरक्षा तटबंध की बराबर निगरानी कर रहे है।

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