दरभंगा – वंडर प्रोजेक्ट के चुनौतियों के संदर्भ में रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन

दरभंगा – वंडर प्रोजेक्ट के चुनौतियों के संदर्भ में रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन

दरभंगा :- दरभंगा जिला में मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में वंडर एप लॉच किया गया है। जिलाधिकारी के निदेश पर आज दिनांक-19.02.2020 को समाहरणालय सभा कक्ष में वंडर प्रोजेक्ट की चुनौतियॉ, वंडर प्रोटोकॉल का प्रभावी प्रबंधन आदि विषय पर विचार विमर्श करने हेतु रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया।
वंडर एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का प्रभावकारी तरीके से देखभाल करने हेतु इस एप के बारे में आज चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल स्टाफ्स को प्रशिक्षण दिया गया।
वंडर एप प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते हुए जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा वंडर एप के विशिष्टियों पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि मातृत्व एवं नवजात शिशु के मृत्यु दर को नियंत्रित करने में वंडर एप बहुत कारगर सिद्ध हो रहा है। इस एप में गर्भवती महिलाओं का निबंधन एवं उनका मेडिकल हिस्ट्री सही-सही अपलोड किया जाना जरूरी है। कहा कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटीलता उत्पन्न होने पर वंडर एप में एलर्ट जारी हो जाता है। जिसका मैसेज इस सिस्टम से जुड़े सभी चिकित्सकों/पारा मेडिकल स्टाफ को तुरंत मिल जाता है और उक्त मरीज की तुरंत चिकित्सा शुरू की जाती है। उन्होंने कहा कि जिला में वंडर प्रोजेक्ट के लॉचिंग के बाद से स्वास्थ्य के सभी इण्टीकेटरों में गुणात्त्मक सुधार दिखने लगे है।
इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन केयर इण्डिया की डॉ. श्रद्धा झा द्वारा पावर प्वाइट प्रजेटेंशन के माध्यम से किया गया। डॉ. श्रद्धा ने वंडर एप के सभी प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया कि वंडर एप को इम्प्रूव करने का कार्य भी लगातार चल रहा है। कार्यशाला में भाग ले रहे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की जिज्ञासाओं का डॉ. श्रद्धा द्वारा समाधान बताया गया।
डॉ. श्रद्धा ने बताया कि दोहरी प्रविष्टि को चेक करने के लिए पोर्टल में फैसिलिटी डिवलप हो गई है। बताया गया कि वंडर एप के एडुकेशनल पोर्टल पर प्रशिक्षण सामग्री विस्तार से उपलब्ध है। किसी भी चिकित्सक को कहीं कोई भी शंका हो तो वे वहाँ से शंका समाधान कर सकते है। डॉ. श्रद्धा ने बताया गया कि वंडर एप से मरीजों को ट्रेक करना सहज हो गया है और इसी के वजह से ऐसे मरीजों को तत्काल जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि वंडर के प्रोटोकॉल का प्रभावी प्रबंधन बहुत जरूरी है, प्रोटोकॉल प्रबंधन का उल्लखन होने पर इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पायेगा।
वंडर एप को प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने हेतु आज 09 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जाले, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, केवटी, किरतपुर, मनीगाछी, सिंहवाड़ा, तारडीह एवं दरभंगा सदर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सा कर्मी के नाम शामिल है।

 

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