दरभंगा – श्यामा मंदिर में नवाह यज्ञ 16 नवंबर से

श्यामा मंदिर में नवाह यज्ञ 16 नवंबर से

दरभंगा । श्यामा मंदिर में प्रतिवर्ष होने वाले नवाह यज्ञ इस बार 16 नवंबर से 25 नवंबर तक होगा।
शहर के माधेश्वर परिसर स्थित रमेश्वरी श्यामा मंदिर मिथिलांचल का प्रमुख आस्था का केंद्र माना जाता है। बिहार के तमाम जिलों के साथ ही नेपाल से भी भक्त यहां आते हैं। देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों का भी आना जाना लगा रहता है। मां श्यामा नाम धुन नवाह संकीर्तन में लाखों लोग प्रतिवर्ष यहां हिस्सा लेने पहुंचते हैं।

महाराजा रामेश्वर सिंह मां काली के भक्त थे। वह तंत्र विद्या के भी ज्ञाता थे। उनके निधन के बाद 1933 में उनकी चिता पर तत्कालीन महाराजा डॉ. कामेश्वर सिंह ने मंदिर का निर्माण कराया। इसमें स्थापित काली की भव्य प्रतिमा की तांत्रिक व वैदिक दोनों ही विधियों से पूजा की जाती थी। यह तंत्र साधना का भी प्रमुख केंद्र रहा है। यह मूर्ति पेरिस से लाई गई। मूर्ति ग्रेनाइट की बनी हुई है।

वर्तमान में यह आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर राज परिवार की ओर से संचालित था, लेकिन भक्तों की बढ़ती संख्या व विविध आयोजनों को देखते हुए बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने 2007 में इसका अधिग्रहण किया। संचालन के लिए मां श्यामा न्यास समिति का गठन किया गया।

भक्तों की कामना होती है पूर्ण

श्यामा मंदिर के प्रबंधक चौधरी डॉ. हेम चंद्र राय बताते हैं कि श्यामा मंदिर मिथिलांचल का प्रमुख तीर्थ स्थल बन चुका है। यहां प्रतिदिन भक्त आते हैं और जिस कामना के साथ आते हैं उसकी पूर्ति मैया की कृपा से होती है। मां की महिमा अपरंपार है। यहां शारदीय नवरात्र पर चंडी पाठ व देवी भागवत कथा का आयोजन किया गया है।

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