वंडर एप शीघ्र ही राज्य के सभी जिला में लाॅच होगा: डी.एम, 45000 का लक्ष्य

 

वंडर एप में 45,000 मरीजों का डाटा इन्ट्री का निदेश।

वंडर एप शीघ्र ही राज्य के सभी जिला में लाॅच होगा: डी.एम,

दरभंगा:- जिलाधिकारी, दरभंगा डाॅ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को वंडर एप में 45000 गर्भवती महिलाओं का डाटा बेस तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का ए.एन.एम. वार डाटा बेस तैयार की जाने चाहिए ताकि ए.एन.एम. अपने लक्ष्य के प्रति संवेदनशील रहेगी। वंडर एप में डाटा की प्रविष्टि में शुद्धता का ध्यान दिया जाना जरूरी है। इसमें गर्भवती महिलाओं की विस्तृत विवरणी सही-सही प्रविष्टि की जानी जरूरी है। इसमें उक्त महिला का मेडिकल हिस्ट्री, वंशानुगत बीमारियाँ आदि का डाटा एप में रहने पर सही समय पर एलर्ट जेनरेट होगा। एलर्ट जेनरेट होते ही उक्त गर्भवती महिला की चिकित्सा कराई जा सकेगी और जच्चा/बच्चा को बचाना संभव हो जायेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि दरभंगा जिला के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में वंडर एप लाॅच किया गया है। इसके इस्तेमाल पर आश्चर्जनक रूप से सकारात्मक परिणाम दिखने लगे है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि वंडर एप मातृत्व मृत्यु दर सहित शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा। विगत तीन माहों में विभिन्न स्वास्थ्य पारा मीटर के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है। वे दरभंगा मेडिकल काॅलेज अस्पताल ओडिटोरियम में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह एप डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के तौर पर भी कारगार हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अमुक गर्भवती महिला की चिकित्सा संभव नहीं होने पर उक्त महिला को डी.एम.सी.एस. अथवा अन्य बड़े अस्पताल में रेफर करने में भी इससे मदद मिलेगी। मरीजों की जाँच एवं चिकित्सा से लेकर इसकी निगरानी (फोलो अप) करने में भी सहूलियतें होगी।
उन्होंने कहा कि वंडर एप के बारे में आमलोगों को जागरूक किया जाये। पंचायत स्तर पर कैंप लगाने से छूटे हुए गर्भवती महिलाओं की डाटा बेस आसानी से तैयार हो जायेगा। स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भी वंडर एप के खूबियों से अवगत कराने का आग्रह किया गया।
उन्होंने कहा कि जिस पंचायत में अच्छा कार्य दिखेगा वहाँ के ग्राम पंचायत मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया जायेगा। ऐसा करने से अन्य जनप्रतिनिधियों में भी प्रेरणा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि एक भी गर्भवती महिला छूटनी नहीं चाहिए।
उन्होंने डी.पी.एम. (जीविका) को आँगनवाड़ी सेविका/सहायिकाओं को इस अभियान में कारगर तरीके से जोड़ने का निदेश दिया। जीविका का सहयोग संतोषजनक नहीं रहा है, इस पर जिलाधिकारी द्वारा चिंता व्यक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि वंडर एप का प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं केयर इण्डिया के सी.ई.ओ. ने सराहना किये है। कहा कि वंडर एप को राज्य के सभी जिलों में लाॅच करने पर राज्य स्तर पर विचार हो रहा है।
इस बैठक में सिविल सर्जन डाॅ. ए.के. झा, डी.आई.ओ. डाॅ. ए.के. मिश्र, अन्य जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक आदि उपस्थित थे।

 

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