अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत 12 लाभुकों को प्रदान किया गया एक- एक लाख रुपये

डीएम ने 16 लाभुकों को दिए 1-1लाख रूपये

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत 12 लाभुकों को प्रदान किया गया एक- एक लाख रुपये

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 4 लाभुकों को प्रदान किए गए एक-एक लाख रुपये

 

दरभंगा 23 नवंबर 2020, समाहरणालय अवस्थित अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम के कर कमलों से अंतरजातीय विवाह करने वाले 12 एवं दिव्यांगजन से विवाह करने वाले चार लाभुकों को एक- एक लाख रुपये का एफडी प्रदान किया गया।
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लाभुकों में पैगंबरपुर, केवटी की श्रीमती हर्षिता, सहोरा, हायाघाट की अर्चना कुमारी, बांग्लागढ़, दरभंगा की श्वेता कुमारी
गेहूमी, बहादुरपुर की राधा कुमारी, रहमगंज, दरभंगा की सुगंधा आनंद, मधुपुर, दरभंगा की रागनी कुमारी, भरौली, सिंहवाड़ा की रितु कुमारी, गुठली, केवटी की भावना कुमारी, अचलपुर, बेनीपुर की विभा कुमारी, गोदाईपट्टी, हनुमान नगर की रागनी कुमारी तारालाही, बहादुरपुर की डोली कुमारी एवं गेहूंमी, शिवधारा, बहादुरपुर की रिंकू कुमारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना 2020 के अंतर्गत बनोली, दरभंगा की सुबी कुमारी, कोयला स्थान, दरभंगा की शोभा कुमारी, मोहम्मदपुर, कमतौल, दरभंगा के मोहम्मद सिराज एवं आजमनगर, दरभंगा के कन्हैया कुमार चौधरी शामिल हैं।
इस अवसर पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समाज को समावेशी विचारधारा से जोड़ने तथा सामाजिक परिवर्तन के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को एक लाख रुपये का प्रोत्साहन राशि एफडी के रूप में दिया जाता है। इस राशि का उपयोग वे 3 वर्ष के बाद कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पति- पत्नी में से किसी एक के दिव्यांग होने पर दिव्यांग लाभुक को एक लाख रुपये, पति व पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर दोनों को एक -एक लाख रुपये तथा इसके साथ अंतरजातीय विवाह होने पर एक लाख रुपये अतिरिक्त, यानी 3 लाख रुपये का फिक्स डिपाजिट प्रदान किया जाता है।


उल्लेखनीय है अंतरजातीय विवाह करने वाले युवक-युवतियों को 2 वर्ष के अंदर अपनी अपनी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, एवं शादी प्रमाण पत्र के निबंधक या मुखिया के प्रमाण पत्र सहित अपना आवेदन आरटीपीएस काउंटर के माध्यम से या सामाजिक सुरक्षा कोषांग में जमा करना होता है।
इस अवसर पर उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक श्रीमती नेहा नूपुर उपस्थित थे।

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